किस की आवाज़ सुनाई देती है?
वो जो दूर है या वो जो पास है?
जिस की कौड़ी या मधुर आवाज़ है?
जो आवाज़ सुनाई ना दे, क्या वो भी आवाज़ है?

हर वक़्त इक शोर है, लोगों की बातें धीमी या चिल्लाते
गाड़ी स्कूटर ट्र्क का एंजिन, कुत्ते का भौंकना
और जो कन्स्ट्रक्षन का नीरस साज़ है
क्या जो सुनने में ना आए, वो भी आवाज़ है?

पड़ोसी के घर में मार पीट, अपने दिल का धड़कना
क्या सुनाई देता है इस पेन्सिल का काग़ज़ से लिपटना
चीक, छींक, पाँच बार मस्जिद में जो नामाज़ है
पर सिर्फ़ जो सुनाई दे, क्या वो ही आवाज़ है?

और अगर मन में सुनो तो?
काम पर टाइप करते हुए दिल में गुनगुनाना
फिल्मों में बिना कहें कुछ कह जाना, जो आँखों से बात है
क्या चुप्पी भी आवाज़ है?

जो वो तुम कहते रहे कानों में
वो जो मैने अनसुना कर दिया, मौज में मनमानी से
या जो कभी कहा था पहाड़ो से, एक हवा में बहता राज़ है
जो अनसुनी रह जाए, क्या वो भी आवाज़ है?

बोलो किस की आवाज़ सुनाई देती है?
वो जो दूर है या वो जो पास है?
जिसकी कौड़ी या मधुर आवाज़ है?
जो आवाज़ सुनाई ना दे, क्या वो भी आवाज़ है?

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